दुबले पतले लोगों को डायबिटीज क्यों होती है, इसके कारण, जोखिम, और अनुवांशिक फैक्टर जानें।
आज भी बहुत से लोग मानते हैं कि डायबिटीज सिर्फ मोटे लोगों या ओवरवेट व्यक्तियों को होती है। लेकिन सच यह है कि दुबले पतले लोगों को डायबिटीज होना भी आम बात है। कई बार शरीर का वजन कम होने के बावजूद शुगर लेवल बढ़ जाता है, और इंसान समझ नहीं पाता कि आखिर ऐसा क्यों हुआ।
यह बीमारी सिर्फ वजन पर नहीं, बल्कि कई आंतरिक कारणों पर निर्भर करती है। इसलिए आज हम विस्तार से जानेंगे कि दुबले पतले लोगों को डायबिटीज किन वजहों से हो सकती है, उनके जोखिम क्या हैं और कौन-सी गलतफहमियाँ दूर करनी चाहिए।

दुबले पतले लोगों को डायबिटीज क्यों जाते हैं?
कई ऐसे लोग हैं जो दिखने में फिट और स्लिम होते हैं, लेकिन फिर भी उन्हें शुगर की समस्या हो जाती है। इसका सबसे बड़ा कारण यह है कि शरीर के अंदर फैट केवल दिखने वाली जगहों पर नहीं, बल्कि लिवर, पैनक्रियास और मांसपेशियों के अंदर भी जमा हो सकता है। इसे “इंटर्नल फैट” या “विसरल फैट” कहा जाता है।
यह फैट बाहर से दिखाई नहीं देता, पर यह इंसुलिन की क्षमता को कमजोर कर देता है। यही वजह है कि दुबले पतले लोगों को डायबिटीज हो सकती है।
दूसरा महत्वपूर्ण कारण है लाइफस्टाइल। कई दुबले-पतले लोग नियमित व्यायाम नहीं करते, समय पर खाना नहीं खाते, अधिक मीठा या रिफाइंड फूड लेते हैं। इससे बॉडी की इंसुलिन सेंसिटिविटी कम हो जाती है और धीरे-धीरे शुगर बढ़ने लगता है।
क्या दुबले-पतले लोगों में मधुमेह अनुवांशिक होता है?
कई मामलों में दुबले पतले लोगों को डायबिटीज आनुवांशिक कारणों से होती है। यदि परिवार में माता-पिता, दादा-दादी या भाई-बहनों में किसी को डायबिटीज है, तो दुबले व्यक्ति में भी इसका खतरा बढ़ जाता है। जीन के कारण पैनक्रियास की इंसुलिन बनाने की क्षमता कमज़ोर हो जाती है, और व्यक्ति को बिना मोटापे के भी मधुमेह हो सकता है।
इसके अलावा, कुछ लोगों में इंसुलिन बहुत कम मात्रा में बनता है, जो कि जेनेटिक रूप से ही होता है। ऐसे में शरीर चीनी को ऊर्जा में बदल नहीं पाता और शुगर लेवल बढ़ जाता है। यही कारण है कि अक्सर लोग हैरान हो जाते हैं कि दुबला-पतला व्यक्ति होते हुए भी शुगर कैसे बढ़ गई।

क्या दुबले-पतले लोगों को टाइप 2 मधुमेह हो सकता है?
जी हाँ, बिल्कुल। दुबले पतले लोगों को डायबिटीज के रूप में टाइप 2 मधुमेह होना भी संभव है। हालांकि यह ज्यादा संख्या में मोटे लोगों में पाया जाता है, लेकिन आजकल लाइफस्टाइल बदलने के कारण पतले लोगों में भी यह तेजी से बढ़ रहा है।
मुख्य बात यह है कि टाइप 2 डायबिटीज केवल वजन बढ़ने की वजह से नहीं होती, बल्कि इंसुलिन रेजिस्टेंस, हार्मोनल बदलाव, तनाव और गलत खानपान इसके प्रमुख कारण हैं। कई लोग भोजन में कार्बोहाइड्रेट ज्यादा और प्रोटीन-फाइबर कम लेते हैं, जिससे शरीर में अचानक शुगर बढ़ जाती है।
दुबले-पतले लोगों में टाइप 2 डायबिटीज का क्या कारण है?
दुबले-पतले लोगों में टाइप 2 मधुमेह होने के कई कारण हैं। सबसे बड़ा कारण है इंसुलिन रेजिस्टेंस — यानी शरीर का इंसुलिन के प्रति कम संवेदनशील होना। यह स्थिति तब बनती है जब शरीर में दिखने वाला फैट कम होता है लेकिन अंदरूनी (विसरल) फैट ज्यादा होता है।
दूसरा कारण है मसल मास कम होना। जिन लोगों की मांसपेशियाँ कम होती हैं, उनके शरीर में ग्लूकोज स्टोर नहीं होता और शुगर लेवल तेजी से बढ़ जाता है। इसके अलावा, तनाव, नींद की कमी, अनियमित दिनचर्या, फास्ट फूड, मीठा, और शुगर ड्रिंक्स का सेवन भी दुबले पतले लोगों को डायबिटीज की ओर धकेल देता है।

टाइप 1 डायबिटीज वाले लोग दुबले-पतले क्यों होते हैं?
टाइप 1 डायबिटीज एक ऐसी स्थिति है जिसमें शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली (इम्यून सिस्टम) पैनक्रियास की इंसुलिन बनाने वाली कोशिकाओं को नष्ट कर देती है। इससे शरीर में इंसुलिन बिल्कुल नहीं बनता। इंसुलिन के बिना शरीर ऊर्जा नहीं बना पाता, और जो खाना हम खाते हैं, वह शरीर उपयोग ही नहीं कर पाता।
इस वजह से शरीर फैट और मांसपेशियों को ऊर्जा के लिए तोड़ने लगता है, जिसके कारण व्यक्ति तेजी से दुबला हो जाता है। इसलिए टाइप 1 डायबिटीज वाले लोग अक्सर पतले दिखते हैं। कई बार टाइप 1 शुरू होने के पहले ही वजन बहुत कम हो जाता है और व्यक्ति थका-थका महसूस करता है।
निष्कर्ष
अब आप समझ गए होंगे कि दुबले पतले लोगों को डायबिटीज क्यों हो सकती है और इसके क्या कारण होते हैं। शरीर का वजन कम होना आपको डायबिटीज से सुरक्षित नहीं बनाता। असल में, अंदरूनी फैट, अनुवांशिकता, लाइफस्टाइल और हार्मोनल असंतुलन—ये सभी कारण मिलकर पतले लोगों में भी शुगर बढ़ा सकते हैं।
इसलिए यदि आप दुबले हैं, फिर भी नियमित रूप से ब्लड शुगर टेस्ट कराएँ, हेल्दी डाइट लें और एक्सरसाइज को अपने रुटीन में शामिल करें। याद रखें—समय पर जांच और सही उपचार से डायबिटीज पर नियंत्रण पूरी तरह संभव है।